4/20/2009

पथरीले शब्द

अब
जबकि कई दफ़े लगी सिलाई भी
उघड़ चुकी है
और आदमी फटा जूता हो गया है

दर-बदर हो रहे हैं लड़के
और जली औरतों की चीखों से
अस्पताल रोज़ भरते जा रहे हैं

औंधे हो गए हैं अच्छे शब्द
और सब सुन्दर कविताओं की हवा निकल गई है

बस्तियाँ की बस्तियाँ साम्प्रदायिक होती जा रही है,
जिनके दूध के दाँत भी नहीं टूटे
उन बच्चों की नसों में गर्म लोहा
उड़ेला जा रहा है

कोमलता सूख रही है पंखुड़ी-दर-पंखुड़ी
ऐसे में पवित्र शब्दों की वकालत
षडयन्त्रकारियों की मुखबिरी है

बात बात के लाले पड़ रहे हैं
बरसों पुरानी हो गई है नई कमीज की बातें

और हालात ये हैं कि
तुम्हारे अपने ही बैटों ने तुम पर
थूक दिया है

रोग़न लगी कविता कैसे हो सकती है
समय का दस्तावेज़

लगती गर्मियों का यह चाँद
कटते धान के ये खेत
यह तो सब खूबसूरत मंज़र है
जादू में गूँथा हुआ

और इससे किसी को कोई गुरेज नहीं

पर वह जो खौफ़नाक तिलस्म है
जो बहुत सलीक़गी से
तुम्हारी और तुम्हारी नस्लों की हवि ले रहा है,
उसके लिए
यह रेशम, यह कमख़ाब किसी काम का नहीं

पथरीले शब्द ही एक उम्मीद हैं खिड़की की


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रचना दिनांक 5 सितम्बर’94

रतन चौहान : 6 जुलाई 1945, गाँव इटावा खुर्द, रतलाम, मध्य प्रदेश में एक किसान परिवार में जन्म।

अंग्रेज़ी और हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि।

प्रकाशित कृतियाँ - (कविता संग्रह हिन्दी) : अंधेरे के कटते पंख, टहनियों से झाँकती किरणें।
(कविता संग्रह, अंग्रेजी) : रिवर्स केम टू माई डोअर, ‘बिफोर द लिव्ज़ टर्न पेल’, लेपर्डस एण्ड अदर पोएम्ज़।
हिन्दी से अंग्रेजी में पुस्तकाकार अनुवाद : नो सूनर, गुड बाई डिअर फ्रेन्ड्स, पोएट्री आव द पीपल, ए रेड रेड रोज़, तथा ‘सांग आव द मेन’। देश-विदेश की पत्रिकाओं में अनुवाद प्रकाशित ।
साक्षात्कार, कलम, कंक, नया पथ, अभिव्यक्ति, इबारत, वसुधा, कथन, उद्भावना, कृति ओर आदि पत्रिकाओं में मूल रचनाओं के प्रकाशन के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका, यूरोप एवं रुस के रचनाकारों का अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद।
इण्डियन वर्स, इण्डियन लिटरेचर, आर्ट एण्ड पोएट्री टुडे, मिथ्स एण्ड लेजन्ड्स, सेज़, टालेमी आदि में हिन्दी के महत्वपूर्ण कवियों की कविताओं के अंग्रेजी अनुवाद।
एण्टन चेखव की कहानी ‘द ब्राइड’ और प्रख्यात कवि-समीक्षक-अनुवादक श्री विष्णु खरे की कविता ‘गुंग महल’ का नाट्य रूपान्तर। ‘हिन्दुस्तान’ और ‘पहचान’ अन्य नाट्य कृतियाँ।
अंग्रेज़ी और हिन्दी साहित्य पर समीक्षात्मक आलेख।
जन आन्दोलनों में सक्रिय।
सम्‍‍प्रति - शासकीय स्नातकोत्तर कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रतलाम में अंग्रेजी के प्राध्यापक पद से सेवा निवृत।
सम्पर्क : 6, कस्तूरबा नगर, रतलाम (मध्य प्रदेश) 457001. दूरभाष - 07412 264124


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